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Gigai Maa

Jagdambe Araj Sun Ambe Lyrics

🙏जय माँ भगवती करणी 🙏 =====🌷चिरजा🌷===== <script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-4754501614186025"      crossorigin="anonymous"></script> तर्ज बनवारी बतादे कुण मारी  जगदम्बे अर्ज सुण अम्बे भजूं माँ भूजलम्बे  राखिजै सिर पै हाथ यै,, मैया सुणजै म्हारै मनडे़ री बात ये गाँव सुवाप घर सासरो साठिकै धाम सजायो देशाणै। महिमा छाई माँ मेहाई  जननी आखो जग जाणै दुनिया आवै धोक लगावै गुण गिरजा रा गावै दर्शण दिज्यो जगदम्बे सुध लिज्यो सदांई रिज्यो साथ यै,,,मैया स,,, मेहदूलारी तूँ महतारी घण परिवारी उपकारी बैठ्यो तो ये अम्बै आप भरोसे झगडू ज्यूँ तरणी त्यारी किरपा करदे ऐसो वरदे लाज राख रखवारी। विरद विचारो दर्द दुख टारो  सुधारो बिगडी़ बात ये।। ब्रह्म उपाया जगत बसाया सृष्टि रचावत तूँ सारी सुर नर ध्यान धरत सेवा में निवें निरंतर नर नारी नारद सारद नाम रटे नित आरत इंद्र उच्चारी। सकलाई दशो दिश छाई  बडी़ है करामात ये शेख छूडावण सिंध सिधाई चील बणी उड़ नभ चाली सापूं पुकार करी संकट में दौड़त आई डाढा़ली सुरभि घेर ...

गीगाई माता चरित्र और इतिहास

 गीगाई माता चरित्र  गीगाई माता इतिहास  <script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-4754501614186025"      crossorigin="anonymous"></script> श्री गीगाई का अवतार- रोहड़िया शाखा में उत्पन बिठू वंशज श्री जोगादास के घर हुआ।  बीठू पहले धुगेडा ठिकाना के जागीरदार थे जिसको राव सांखला के पौत्र राव खिमसी ने दो करोड़ पसाव ओर 12 गांव जागीर प्रदान किए थे।  इन 12 गांवों के नाम इस प्रकार है।  1. बिठन्नोक  2. दियातरो 3. रावनीयारी  4. किनियो की बस्ती 5. सठिको  6. मंजुसर  7. मेघासर  8. मोखा 9. मोरखी 10. माणकसर  11. झिनकली 12 इंदोको बीठु के गोहड़ नाम का पुत्र हुआ, गोहड के तीन पुत्र हुवे  बोहड़ , धरमो ओर सिलो।  इस समय बोहड़ बिठु के हिस्से में इंदोका आया था बोहड़ के धिंधो हुआ था धिंधो के जेगो तथा जेगों के देवायता नामक पुत्र हुआ था जिसको करनी जी ने श्राप दिया था कि तेरे घर सदा एक ही व्यक्ति रहेगा।  तत्पश्चात बिटू इंदोखा का निवास छोड़कर चले गए थे। लेकिन बाद म...

Gigai Mata Chirja With PNG Photo

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 Gigai Mata Indokha Chirja Lyrics गीगाई माता चिरजा लिरीक्स  श्री  गीगाई माता की चिरजा <script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-4754501614186025"      crossorigin="anonymous"></script> ।।टेर।। दुनियां दर्शण रे हित आवे, सुन्दर मढ. सोहणो सा  1. सोवणो सारे जग सिरमोड़, दर्शन री लागी मनमें होड। करे नित कवि जोड़ कर कोड,सुयश सुणावणो सा।। 2. तरवर थारो प्यारो लागे,जिणरे थान सोवणो आगे ।  भय सब देख आपने भागे, विपद विडारणो सा।। 3. बाया मैंहन्दि मढ में घोळे,सावाण्यां चिरजावां नित बोले।   सेवग सब चंवर हमेशा ढोळे, जोत जगावणो सा।। 4.  महिमा मन्दिर की अतिभारी, ओरण की छवि लागे मन प्यारी ।  चमाचम रोशनी बल्बारी,शशी शरमावणो सा!! 5. विशन बीठू गुण गीगल रा गावे, हिवड़ो आनन्द सूं हरषावे ।  शरण में नित उठ दर्शन पावे, अर्ज उच्चारणो सा।।   दुनियां दरसण रे हित आवे, सुन्दर मढ सोवणो सा  रचयिता- विशन दान बीठू - इन्दोखा Post by Deepak Charan Gigai Mata Png Photo 

Gigai Mata Chirja Lyrics Gigai Mata Indokha

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Gigai Mata New Chirja Lyrics  गीगाई माता की नई चिरजा लिरीक्स  🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 चिरजा श्री गीगाई माता की  <script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-4754501614186025"      crossorigin="anonymous"></script> म्हे तो गुण गीगल का गावा जी ! इन्दोखा मढ़ आकर, फेरी पांच लगावा जी !!  1. मरूधर मांही मन्दिर बणियो, मोटी ह मां धाम !  सिंह चढी की शोभा साची, सरज्यावे सब काम !!  म्हे तो गुण गीगल का ....................! 2. बाछड़िया ने बाघ बणाया, करामात के पाण !  भरतखण्ड में बाता फेली, जद हुई जग जाण !!  म्हे तो गुण गीगल का.............!  3. हिन्दवा सुरज आप हकीकत, सारे देश की शान ! राख्यो धर्म आप रजवट रो, मुगला रो हर मान !! म्हे तो गुण गीगल का .....................! 4. धजबंध हाथ लगायो धरके, धरती दिनो ध्यान !  पलक झपन्ता पाणी भेज्यो, प्रसिद्ध धाम प्रमाण !! म्हे तो गुण गीगल का.....................! 5. विशन कहे सुण बीशभुजाळी, नवखण्ड थारो नाम !...

Gigai Mata Chalisa

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          गीगाई माता चालिसा  गीगल मा चालिसा Lyrics  श्री गीगाई चालीसा गीगाई माता जी की चिरजाएं सुनने के लिए श्री गीगल दर्शन चैनल को सब्सक्राईब करें  <script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-4754501614186025"      crossorigin="anonymous"></script> बुध्दि नही विवेक, सुमिरण ना जाण सही | टाबर वाली टेक, गाडी राखी गीगला || श्री गीगल गुण सागर माता दारिद भंजन सम्पति दाता । निशी वासर ध्याऊं जगदम्बा, कष्ठ हरो करो न विलम्बा । जोगीदान जनक तिहारे, जिण घर आवड़ आप पधारे । सांपू कंवर की कोख से अम्बा, आप अवतार लियो जगदम्बा । विक्रम संवत सत्रासो तीसा, गीगल रूप धरयो भुजबीशा । बीठू वंश को उज्ज्वल किन्हा, भक्तन भार आप हर लिन्हा । नगर इन्दौखा मन्दिर भारी, दर्शन करती दुनियां सारी । निशदिन जोत जगे मढ़ माँही, कवि कर जोड़ मस्त मन माँही । सुन्दर तरुवर मन को मोहे, दर्शन करयां सब सुख होवे । नोपत नगारा झालर बाजे, सेवग मिल सब सेवा साजे । लाल धजा शिखर पर सोहे, दूर-दूर से दर्शन होवे । सुन्दर सुथान क...

Gigai Mata Image श्री गीगल दर्शन

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Gigai Mata Indokha Chirja Lyrics

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Photo Shree Gigai Mata Indokha  Gigai Mata Indokha Chirja Lyrics HD Photo Wallpapers Mata Ji Inokha Gigal Dham Gigai Mata Mandir Indokha   Gigai Mata Indokha Chirja Lyrics  Jai maa Gigai जय इंदोखा री राय  इन्दोखो नगर लागे सोवणो, म्हारी गीगल माय !  लालधजा लहराय, अम्बे म्हारी माय !! टेर !!  (1) मस्त मुकट मन मोवणो, म्हारी गीगल माय !  भाल तिलक भलकाय, अम्बे माय !!  इन्दोखो नगर लागे.........! (2) सगत्या खेले थारे साथमे, म्हारी गीगल माय !  सावाण्या कीर्ति सुणाय, अम्बे म्हारी माय !!  इन्दोखो नगर लागे ..............! (3) प्रथम पूजा थारे पेड़ की, म्हारी गीगल माय !  सोळा कला सुरराय, अम्बे माय !!  इन्दोखो नगर लागे.........! (4) बुर्जा पर बेठा भैरू बारणे, म्हारी गीगल माय !  धरापति चंवर ढुळाय, अम्बे माय !!  इन्दोखो नगर लागे.........! (5) विशन बीठू की सुणज्यो विनती, म्हारी गीगल माय !  भक्ति को भाव बढाय, अम्बे माय !!  इन्दोखो नगर लागे सोवणो, म्हारी गीगल माय !  लालधजा लहराय, अम्बे म्हारी माय !! 🚩!!  रचयिता - ...